हार से तिलमिलाई कांग्रेस ने अपने प्रवक्ताओं को टीवी डिबेट में नहीं भेजने का लिया फैसला

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार से बौखलाई कांग्रेस पार्टी ने अगले एक महीने तक अपने प्रवक्ताओं को किसी भी TV डिबेट में नहीं भेजने का फैसला लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर के माध्यम से इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने अपने ट्विटर हैंडल से लिखते हुए कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने फैसला लिया है कि वो अगले एक महीने तक किसी भी TV डिबेट में अपने प्रवक्ताओं को नहीं भेजेगी।” उन्होंने टीवी चैनल्स से अनुरोध किया की “सभी मीडिया संस्थाओ से निवेदन है कि वो कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ताओं के लिए फिलहाल जगह नहीं रखे।”

गौरतलब है कि समाजवावी पार्टी पहले ही अपने प्रवक्ताओं को टीवी डिबेट में जाने से मना कर चुकी है। लोकसभा चुनाव में देश की सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी महज 52 सीट पर सिमट कर रह गयी वही सपा-बसपा गठबंधन के बावजूद अखिलेश यादव की पार्टी उत्तर प्रदेश में मात्र 5 सीटे जुटा सकी है।

कांग्रेस पार्टी की तकलीफ किसी तरह कम होती नहीं दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी अपना इस्तीफा किसी भी शर्त पर वापस लेने को तैयार नहीं है और दूसरी तरह कर्नाटक में कांग्रेस गठबंधन की सरकार खतरे में है। ऐसे में स्वाभाविक है कांग्रेस प्रवक्ताओ के लिए स्वयं और पार्टी दोनों का बचाव नहीं कर पाएंगे और उनके लिए डिबेट में अपना तर्क रख पाना बहुत मुश्किल होगा। शायद इसी वजह से कांग्रेस पार्टी को ऐसा फैसला लेने के लिए मजबुर होना पड़ा है।

हालांकि सुरजेवाला की इस ट्वीट के बाद मीडिया जगत के पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रिया दी है, न्यूज़ 24 के पत्रकार और एंकर मानक गुप्ता ने लिखा की “चुनौती – पार्टी को शून्य से दोबारा खड़ा करना फ़ैसला – TV डिबेट्स में प्रवक्ता नहीं भेजेंगे।”

जबकि आजतक की पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने भी कवि सोहनलाल द्विवेदी की यह पंक्तिया ट्वीट करते हुए लिखा की ”असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम, कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती। ”

जबकि न्यूज़ 1 इंडिया में काम कर रहे तुषार कौशिक ने लिखा की “बात तो सही है मगर ऐसे रण-छोण दास क्यों बना जा रहा है। सामने से आते हर सवाल का बखूबी जवाब दीजिए या आपको अपने प्रवक्ताओं की काबिलियत पर कोई शक है?”

जबकि आजतक के ही वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदना की इस ट्वीट के बाद तो ट्विटर पर कांग्रेस नेता देवाशीष से जंग छिड़ गई, जिसका करारा जवाब देते हुए रोहित सरदना ने लिखा।

हालांकि पूर्व सपा प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने कांग्रेस के इस कदम को सही ठहराते हुए कहा कि, “सत्ताधारी भाजपा के हाथ में आज सबसे बड़ा हथियार मीडिया ही है। पिछले 5 साल में पत्रकारिता की हत्या की जा चुकी है। मीडिया बस मोदी / भाजपा के marketing व अजेंडा सेट करने का माध्यम बन चुकी है।”

 

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