जनसंख्या नियंत्रण पर कपिल मिश्रा की बात छद्म सेक्युलरों व इस्लामिक कट्टरपंथियों को नहीं आई रास, दी जा रही हैं धमकियाँ

वर्तमान समय में देश की बढ़ती जनसंख्या एक बड़ी चिंता का सबब बन चुकी है। जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने एवं इस बढ़ोतरी को रोकने के लिए तरह तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर एक फोटो शेयर करते हुए जनसंख्या में वृद्धि को रोकने की बात कही, जो तथाकथित सेक्युलरों व इस्लामिक कट्टरपंथियों को बुरा लगा गया।

दरअसल, कपिल मिश्रा ने एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, “पॉल्यूशन कम करना है, तो इस वाले पटाखे को कम करो। दीवाले वाले पटाखे नहीं।” इसके बाद तो छोटी छोटी बातों पर ‘लोकतंत्र खतरे में है’ वाली गैंग एक बार फिर उठ खड़ी हो गई और कहने लगी कि बीजेपी नेता मुस्लिमों का नरसंहार करवाना चाहते हैं। उन्हें फोन करके धमकियाँ दी जाने लगी हैं और मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया है।

https://twitter.com/KapilMishra_IND/status/1188713630658777094?s=19

न्यूज 18 इंडिया के पत्रकार जावेद मंसूरी भी इस गिरोह में शामिल हो गए और उन्हें भी पहले अपना मजहब दिखाई दे गया। उन्होंने कपिल के ट्वीट को क्वोट करते हुए दिल्ली पुलिस से कपिल के खिलाफ कारवाई करने की गुहार लगाई। ये विक्टिम कार्ड लेकर खड़े हो गए और कहने लगे कि कपिल मिश्रा मुसलमानों की फोटो लेकर उनके नरसंहार की बात कह रहे हैं।

वहीं साकेत गोखले नामक एक और महोदय ने कहा कि ‘मैंने कपिल मिश्रा के खिलाफ मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने वाले उनके सांप्रदायिक ट्वीट को लेकर शिकायत दर्ज करा दी है।’ उन्होंने आगे कहा, “देखते हैं कि मोदी सरकार किस हद तक इस बीजेपी नेता को बचाने का प्रयास करती है।” उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाने का प्लान पहले से ही सोच रखा है।

एक और तथाकथित पत्रकार ने कहा, “क्या यह बीजेपी नेता मुस्लिमों के नरसंहार करना बात कह रहे हैं?”

न्यूज 18 इंडिया की पत्रकार निखत अली भी इस ट्विटर वॉर में कूद पड़ीं। उन्होंने कहा “भाषा और विचार की शालीनता देख रहे हैं ? सबको सीखने की ज़रूरत है।मतलब देश के बच्चे नेताजी के लिए ‘पटाखा’ हैं। कभी ये दिल्ली के भाषा और संस्कृति मंत्री हुआ करते थे। ऐसे संस्कार सबको आ जाएं तो भारत कितना प्यारा हो जाएगा ! क़सम से राजनीति में ऊंचा उठने के लिए सच में कितना गिरना पड़ता है!”

https://twitter.com/NikhatAli7/status/1188738657508872194?s=19

रविवार को ‘ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बदरूद्दीन अजमल ने ‘जनसंख्या नियंत्रण कानून’ बनाने पर असम सरकार के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा, “इस्लाम सिर्फ 2 बच्चे पैदा करने में विश्वास नहीं रखता है। जो इस दुनिया में आना चाहता है, उसे कोई नहीं रोक सकता।”

आपको बता दें कि ये वही लोग हैं, जो बात बात पर ‘लोकतंत्र खतरे में है’ और ‘इस्लाम खतरे में है’ का झंडा बुलंद करते हैं। इन्हीं लोगों को दिवाली पर तो पटाखे प्रदुषण फैलाते दिखाई पड़ते हैं, लेकिन आईपीएल, नववर्ष, व अन्य समारोहों में यही पटाखे ऑक्सीजन देते हैं।

जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने के लिए बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह व सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय पिछले कुछ वर्षों से मुहिम चला रहे हैं। अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दायर कर रखी है।

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