टीचर रमीज़ रज़ा ने किया 50 से ज्यादा बच्चों का यौन शोषण, POCSO कोर्ट से मिली आजीवन कारावास की सजा

राजस्थान में कोचिंग पढ़ने वाले आने वाले 50 से अधिक बच्चों के साथ दरिंदगी करने एवं उसकी रिकॉर्डिंग वायरल करने के आरोप सिद्ध होने के बाद जिला एवं सत्र अदालत ने शिक्षक रमीज़ रज़ा को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी शिक्षक पर पॉक्सो की अलग अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए कुल 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। प्रकरण में सह आरोपी सरवर आलम को अदालत ने बरी कर दिया है। सरवर पर मामले को दबाए रखने का आरोप था।

बता दें कि 9 फरवरी 2017 में जयपुर के रामगंज इलाके के चारदरवाजा स्थित एक निजी विद्यालय के शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रमीज़ रज़ा नाम का यह शिक्षक मासूमों को अपने घर ट्यूशन पढ़ने के लिए बुलाता था और उनके साथ दरिंदगी करता था। पीड़ित बच्चों के अनुसार, वसीम उनके साथ दुष्कर्म करता था, अश्लील टिप्पणी करता था और उसकी रिकॉर्डिंग करता था। बच्चों ने बताया कि इस रिकॉर्डिंग के सहारे ब्लैकमेल वह उन्हें करता था और उनसे घर से पैसे मंगवाता था। पैसे ना देने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी भी देता था।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब रमीज़ ने एक बच्चे की क्लिपिंग एक दिन सोशल मीडिया पर शेयर कर दी। जब बच्चे के अभिभावक ने यह देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। फिर अभिभावक ने रमीज़ पर फरवरी 2017 में मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस जांच में पता चला कि साल 2011 से 2017 के बीच वसीम ने कुल 50 मासूमों को अपना शिकार बनाया है। दो साल तक चले इस केस के ट्रायल एवं बच्चों की गवाही के बाद बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो), भारतीय दंड संहिता एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए पॉक्सो कोर्ट-3 के जज राजेश कुमार ने रमीज़ रज़ा को उम्रकैद की सजा सुनाई।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि कई बार शिकायत एवं भारी विरोध प्रदर्शन के बाद भी विद्यालय प्रशासन ने रमीज़ पर कोई कारवाई नहीं की। आखिरी में पुलिस ने संचालक सरवर आलम को सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया।

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